

अकोला. अकोला जिले के सभी सातों तहसीलदारों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार खरीफ फसल 2020 की अंतिम पैसेवारी जिलाधिकारी द्वारा घोषित की गयी है. जिले के सभी 990 बुआई योग्य गांवों की अंतिम पैसेवारी 47 पैसे बतायी गयी है. यह जानकारी देते हुए निवासी उप जिलाधिकारी संजय खड़से ने बताया कि पैसेवारी 50 पैसों से कम रहने के कारण जिले में गीले अकाल की स्थिति का वास्तव सामने आया है.
जून से सितंबर और उसके बाद अक्टूबर 2020 के अंत तक भारी वर्षा व नदी, नालों में बाढ़ आने के कारण खेतों में जमा पानी से फसले खराब हो गयी है. सोयाबीन, कपास, ज्वारी, तुअर, मूंग आदि फसलों का काफी नुकसान हुआ है. फसल कटाई प्रयोग के आधार पर तहसीलदारों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार अकोला जिले के कुल 1012 राजस्व गांवों में से 990 गांवों की अंतिम पैसेवारी 47 पैसे दर्ज की गयी है.
पिछले वर्ष जून से अक्टूबर तक हुई भारी बारिश से जिले में फसलों का नुकसान होने से किसान आर्थिक संकट में आ गया है. अक्टूबर अंत तक फसलों से नुकसान हुए किसानों को मदद देने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रथम चरण में केवल 26 करोड़ रू. की मदद दी गयी है. मदद की यह रकम किसानों के बैंक खातों में भी जमा की गयी है. लेकिन दूसरे चरण की मदद की रकम अब तक किसानों को नहीं दी गयी है.
इसके साथ ही जिन किसानों का अक्टूबर 2020 में भारी वर्षा के कारण फसलों का नुकसान हुआ है उन किसानों को अब तक सरकार द्वारा मदद देने की घोषणा भी नहीं की गयी है. किसानों का कहना है कि वर्तमान सरकार किसानों की समस्याओं की ओर अनदेखी कर रही है. किसानों को मदद की प्रतीक्षा है. इसके साथ ही सरकार द्वारा जिले में गीले अकाल की स्थिति में किसानों को सुविधाएं एवं सहूलीयतें देने की घोषणा कब की जाएगी इस ओर किसानों का ध्यान लगा हुआ है.
अकोला जिले की सातों तहसीलों में तसीलदारों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार अकोला तहसील के 181 गांवों की पैसेवारी 46 पैसे, इसी तरह अकोट के 185 गांवों की 48 पैसे, तेल्हारा तहसील के 106 गांवों की 45 पैसे, बालापुर तहसील के 103 गांवों की 47 पैसे, बार्शीटाकली तहसील के 157 गांवों की 48 पैसे, पातुर तहसील के 94 गांवों की 48 पैसे और मुर्तिजापुर तहसील के 164 गांवों की पैसेवारी 47 पैसे घोषित की गयी है.